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Panchakanya : हिंदू पौराणिक कथाओं में पंचकन्या कौन हैं | Panch Kanyaon ke Naam | Pativrata Stri Names

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Panchakanya (पंचकन्या) : हिंदू पौराणिक कथाओं में पंचकन्या कौन हैं और पंचकन्या के नाम क्या हैं, Panch Kanyaon ke Naam, 5 सती के नामपंचकन्या मंत्र (Panchkanya Mantra), अहल्या द्रौपदी सीता तारा मंदोदरी श्लोक। यहाँ पर हिंदू महाकाव्यों में वर्णित पांच प्रतिष्ठित देवियों के बारे में बताया गया है।

पंचकन्या को पांच कुंवारियों के रूप में भी जाना जाता है और ये हिंदू महाकाव्यों की पांच प्रतिष्ठित 5 देवियाँ हैं। ऐसा माना जाता है पंचकन्या (Panchkanya) का पाठ करने पर सभी पाप दूर हो जाते हैं। पंचकन्याओं को एक दृष्टि से आदर्श महिला और पवित्र पत्नियों के रूप में पूजा जाता है।

पंचकन्या (Panchkanya)

पंचकन्या हिंदू धर्म के दो महान महाकाव्यों रामायण और महाभारत में वर्णित की गई देवियाँ हैं। सभी पाँच Panchakanya को असाधारण रूप से सुंदर और सदाचारी बताया गया है। अहिल्या, द्रौपदी, कुंती, तारा और मंदोदरी को पंचकन्या माना जाता है। कुछ ग्रंथों में कुंती की जगह पर सीता जी का नाम है।

इन 5 Panchakanya को भी हिंदुत्व के अनुसार महत्वपूर्ण और पूज्यनीय माना जाता है। मनुष्य के शरीर में पांच इंद्रियों को पत्राचार करने के लिए पांच तत्व बताए गए हैं – स्वाद, गंध, दृष्टि, स्पर्श और श्रवण। यह भी माना जाता है कि प्रकृति अपने आप को पांच रूपों में प्रकट करती है: पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश।

Panchakanya, Panch Kanyaon Ke Naam, Pativrata Stri Names, पंचकन्या
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प्रत्येक Panchakanya इन तत्वों में से एक से जन्म लेती है और प्रकृति के ये पांच तत्व अपने चरित्रों के सार का निर्माण करते हैं। पंच कन्या नारीवाद के विभिन्न प्रतिमानों को प्रदर्शित करती है, अतीत और वर्तमान के बीच सीमाओं को पार करती है। ये पंच कन्या शक्ति, चरित्र, वफादारी की प्रतीक हैं, जो अपने पति के साथ हमेशा खड़ी रही साथ ही अपने मूल्यों और आत्म विश्वास से कभी समझौता नहीं करती हैं।

अहिल्या एक पंचकन्या | Ahalya – Panchakanya in Hindi

अहिल्या महान ऋषि गौतम महर्षि की पत्नी थी, इनको सबसे महान पंच कन्या माना जाता है। अहिल्या को अक्सर उनके चरित्र की कुलीनता, उनकी असाधारण सुंदरता की वजह से पहली पंच कन्या होने का गौरव मिला है। ऐसा माना जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने अहिल्या को पूरे ब्रह्मांड में सबसे सुंदर महिला के रूप में बनाया था। इसके साथ ही इनके चरित्र और महान पतिव्रत धर्म का पालन करने की वजह से अहिल्या को Panch Kanyaon में से एक के रूप में वर्णित करने के साथ सबसे Pativrata Stri Names में भी शामिल किया जाता है।

तारा एक पंच कन्या | Tara – Panchkanya

तारा जिन्हें Panch Kanyaon ke Naam में शामिल किया जाता है, किष्किंधा की रानी थी। तारा Pativrata Stri Names में भी शामिल हैं और वो वानर राजा वाली की पत्नी थी। राजा वाली की मृत्यु के बाद वो अपने देवर सुग्रीव से शादी कर लेती हैं और किष्किंधा की रानी बन जाती है।

रामायण में वर्णित किया गया है कि तारा आयुर्वेद के चिकित्सक ‘वैद्य सुषेन’ की बेटी थी। हालाँकि बाद के कुछ श्लोकों में Panchakanya तारा के बारे में वर्णन मिलता है की वो अप्सरा (आकाशीय अप्सरा) थी जो समुद्र मंथन से निकली थी। समुद्र मंथन से निकलने के बाद Pativrata Stri Names शामिल तारा वानर राजा वाली से शादी करती हैं। उनके एक बेटा भी हुआ था जिन्हें अंगद नाम से जाना जाता है। कई जगह इसका भी वर्णन है की Panch Kanyaon ke Naam में शामिल तारा ने उनके पति वाली का धोखे से वध करने के कारण भगवान राम को अपनी पतिव्रता शक्ति से श्राप दे दिया था।

मंदोदरी – पंचकन्या का एक नाम| Mandodari – Panch Kanyaon ke Naam

लंका के राजा राक्षस रावण की पत्नी रानी मंदोदरी भी Pativrata Stri Names में शामिल हैं। मंदोदरी को असुरों के राजा मायासुर और उनकी रानी अप्सरा हेमा की बेटी माना जाता है। इन्हें हिंदू धर्म ग्रंथों में खूबसूरत, पतिव्रता और धार्मिक देवी के रूप में वर्णित किया गया है।

कुछ लोक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों में बताया गया कि मधुरा नामक अप्सरा को मेंढक बनने का श्राप मिलता है, उसके बाद वो मेंढक बनकर 12 सालों तक एक कुएं में अपना जीवन व्यतीत करती है। उसके बाद श्राप मुक्त होती और और एक सुंदर कन्या के रूप में सामने आती हैं जिसे मायासुर ने गोद ले लिया था। इसी कन्या का नाम मंदोदरी है जो Panch Kanyaon ke Naam में शामिल की जाती हैं।

ऐसा माना जाता है कि एक बार लंका का राजा रावण मायासुर के घर जाते हैं और जब वो मंदोदरी को देखते हैं, तो उन्हें प्यार हो जाता है। इसके बाद मंदोदरी और रावण की शादी हो जाती है। भगवान के प्रति बैर के बावजूद मंदोदरी ने अपने पतिव्रत धर्म का पालन किया था और एक धार्मिक महिला होकर भी असुरों के राजा रावण से प्रेम करती थीं और उन्हें धर्म के रास्ते पर चलने की सलाह देती थी।

रावण और मंदोदरी के तीन बेटे थे – मेघनाद, अतिकाय और अक्षयकुमार। मेघनाद को इंद्रजीत के नाम से भी जाना जाता है। रावण के द्वारा सीता जी का अपहरण करने के बाद मंदोदरी ने रावण से सीता को उनके पति भगवान राम के पास लौटाने की सलाह भी देती थी, लेकिन रावण उनकी बात नही मानते थे।

द्रौपदी – एक पतिव्रता स्त्री का नाम | Draupadi – Panch kanya Ka Naam

द्रौपदी महाभारत की महान नायिका और देवी हैं और वो पांच पांडव भाइयों की पत्नी थी। Pativrata Stri Names में शामिल द्रौपदी का जन्म पांचाल साम्राज्य के राजा द्रुपद के अग्नि-यज्ञ से हुआ था। उनके जन्म के बाद ही ये भविष्यवाणी की गई थी कि – इस कन्या की वजह से ही द्रोण के साथ सभी कौरवों का विनाश हो जाएगा। बैंगलोर के प्राचीन त्योहार करागा में द्रौपदी को आदिशक्ति और देवी पार्वती के अवतार के रूप में भी पूजा जाता है।

महाभारत युद्ध समाप्त होने के बाद Panch Kanyaon ke Naam द्रौपदी हस्तिनापुर की रानी बनी थी। द्रौपदी को पांडव अर्जुन एक ब्राह्मण के वेश में उसके स्वयंवर में जीत लेते हैं। उसके बाद जब वो अपनी मां के पास द्रौपदी को लेकर जाते हैं तो कहते हैं – ‘माँ देखो क्या लाएँ हैं’। पांडवों की ये बात उनकी मां समझ नही पाती हैं क्योंकि उस समय वो सभी ब्राह्मण के रूप में भिक्षा माँग कर जीवन यापन करते थे तो उन्होंने सोचा कोई वस्तु होगी तो कह दिया की आपस में बाँट लो। उसके बाद द्रौपदी पाँचों पाण्डवों की पत्नी बन जाती हैं।

Panchakanya द्रौपदी के प्रत्येक पांडवों से एक-एक पुत्र का जन्म हुआ था। हर साल वो एक-एक पांडव के साथ रहती थी जब ये पंचकन्या दूसरे पति के पास जाती थी तो उनका कौमार्य वापस मिल जाता था। उन्हें एक गाँव की देवी के रूप में पूजा जाता है और कभी-कभी देवी काली के अवतार के रूप में वर्णित किया जाता है।

कुंती – पंच कन्या का एक नाम| Kunti – Panch Kanyaon ke Naam

कुंती यादव राजा शूरसेन की बेटी के रूप में जन्म लिया था। कुंती साम्राज्य के राजा कुंतीभोज निःसंतान थे इसलिए उन्होंने उस कन्या को गोद लिया था। कुंती ने अपने बचपन में ही दुर्वासा ऋषि की सेवा करने लगी और अपनी सेवा भक्ति से ऋषि को प्रसन्न किया। उसके बाद दुर्वासा ऋषि ने कुंती को सबसे महान मंत्र का ज्ञान दिया था जिससे Panch Kanyaon ke Naam में शामिल कुंती किसी भी भगवान को बुला सकती थीं और उनके आशीर्वाद से एक बच्चे को जन्म दे सकती थीं।

कुंती ने बचपना करते हुए इस मंत्र के परीक्षण का फ़ैसला किया और सूर्य भगवान को बुला लिया, इसके बाद सूर्य भगवान के आशीर्वाद से कुंती ने परमवीर कर्ण को जन्म दिया था। जिसे लोक-लाज के डर की वजह से उन्होंने त्याग दिया था। इनको भी Pativrata Stri Names में शामिल किया जाता है।

इसके बाद कुंती के शादी हस्तिनापुर के राजा पांडु से हो जाती है और वो हस्तिनापुर की रानी बन जाती हैं। Pativrata Stri कुंती तीन सबसे बड़े पांडव भाइयों “युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन” की मां थी। महाभारत युद्ध में कौरव और कर्ण की मृत्यु के बाद Pancha Pativratas में से एक कुंती, कौरवों के माता-पिता के साथ जंगल में तपस्या करने चली जाती हैं और एक दिन जंगल की भयानक आग में मृत्यु प्राप्त करने के बाद स्वर्ग चली जाती हैं।

सीता – एक पंच कन्या | Sita – Pancha Pativratas (Panchakanya in Hindi)

कई ग्रंथों में पंचकन्याओं में कुंती की जगह पर माता सीता को शामिल किया गया है। माता सीता भगवान राम की पत्नी थी और धन की देवी विष्णु की पत्नी लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं। सीता को कई धार्मिक ग्रंथों में Pancha Pativratas, Panch Kanyaon Ke Naam और Pativrata Stri Names में शामिल किया गया है।

सीता माता Videha के राजा जनक की गोद ली हुई बेटी थी, जो धरती से प्रकट हुई थी और अंत में धरती में ही समा कर अपने वैकुंठ धाम चली जाती हैं। जनक जी ने सीता की शादी के लिए स्वयंवर रचा था, इस स्वयंवर में राम चंद्र जी ने धनुष तोड़ कर सीता जी से शादी की थी। सीता के साथ उनकी 3 बहनों की शादी भी राम के भाइयों – भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न से हुई थी।

हालाँकि शादी के बाद राम जी को 14 वर्ष के लिए वनवास जाना पड़ता है और उनके साथ Pativrata Stri और Panch Kanya सीता भी जाती हैं। साथ ही लक्ष्मण भी वनवास के लिए चले जाते हैं।

Panchakanya FAQs

पंच कन्याओं के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब नीचे दिए गए हैं।

कुंती पंचकन्या क्यों मानी जाती हैं?

कुंती यादव राजा शूरसेन की बेटी थीं और उन्हें कुंती साम्राज्य के राजा निःसंतान कुंतीभोज ने गोद लिया था। उनकी सेवा से, उन्होंने ऋषि दुर्वासा को प्रसन्न किया, जिन्होंने उन्हें एक मंत्र दिया जिसके द्वारा वह एक भगवान को बुला सकती थी और उनके आशीर्वाद द्वारा एक बच्चा पैदा कर सकती थी। शादी के पहले कुंती को कर्ण रूपी संतान ज़रूर हुई थी लेकिन कुंती कभी भी पराए पुरुष के साथ नही थी, कर्ण का जन्म भगवान सूर्य के आशीर्वाद की वजह से हुआ था ना कि किसी तरह का कोई संबंध था। इसलिए कुंती को पतिव्रता स्त्री कहा जाता है और उन्हें पंचकन्या माना जाता है।

Panch Kanyaon ke Naam क्या हैं?

हिंदू धर्म ग्रंथों में पूज्यनीय, पवित्र और पतिव्रता स्त्री के रूप में वर्णित की गई पंच कन्याओं के नाम – अहिल्या, तारा, द्रौपदी, मंदोदरी और मंदोदरी है। अहिल्या, तारा और मंदोदरी हिंदू महाकाव्य रामायण से हैं जबकि द्रौपदी और कुंती महाभारत से हैं। हिंदू धर्म ग्रंथों में Panchakanya (पंचकन्या) का विशेष स्थान हैं और इन्हें देवी के रूप में पूजा जाता है।

Pativrata Stri Names क्या हैं?

हिंदू धर्म के धार्मिक महाकाव्यों और ग्रंथों में पतिव्रता स्त्रियों के बारे में वर्णन किया गया है, जो आज के समय में भी पूज्यनीय हैं। Pativrata Stri Names – अहिल्या, द्रौपदी, कुंती, तारा और मंदोदरी है। इनके पतिव्रत धर्म और वफादारी के कारण ही इन सभी स्त्रियों को Pativrata Stri Names में शामिल किया गया है, जो किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों और आत्मविश्वास से समझौता नही किया था।

निष्कर्ष | Panchakanya

हमारे ग्रंथों में इन सभी पंचकन्याओं को देवी और माता के रूप में वर्णित किया जाता है। देवी अहिल्या को उनके पति ने श्राप दिया था जबकि Panchakanya तारा ने अपने पति को खो दिया था, द्रौपदी ने महाभारत युद्ध में अपने पुत्रों को खो दिया था जबकि रामायण के राम-रावण युद्ध में मंदोदरी को अपने पति, पुत्रों और रिश्तेदारों को खोना पड़ा। और अंत में माता सीता कई वर्षों तक अपने पति भगवान राम से दूर रही एक बार वनवास के दुःख फिर उनका रावण के द्वारा उनका हरण और अंत में भगवान राम ने सीता का त्याग किया था।

अगर हम देखे तो सभी पंचकन्याओं (Panch Kanyaon) और पतिव्रता स्त्रियों (Pativrata Stri) ने अपने जीवन में असीमित दुःख-दर्द को सहन किया उसके बाद भी अपने पतिव्रत धर्म और मूल्यों से विमुख नही हुई थी। इसी वजह से आज उनको पंच कन्या के रूप में सम्मान दिया जाता है और पूजा जाता है।

महरी नृत्य परंपरा में पंचकन्याओं को पृथ्वी के पांच तत्वों से जोडा जाता है। अहल्या, द्रौपदी, कुंती, तारा और मंदोदरी क्रमशः जल, अग्नि, पृथ्वी, वायु और आकाश के प्रतिनिधित्व से जोड़ा गया है।

आशा करते हैं की आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आएगी जिसमें पंचकन्या (Panchakanya Information in Hindi) जिसमें (Panch Kanyaon Ke Naam | Pativrata Stri Names | Pancha Pativratas) की जानकारी दी गई है। इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया जैसे WhatsApp Group और Status, Facebook, Twitter, Telegram, Koo App इत्यादि में ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें, ताकि सभी लोगों को इन पंचकन्याओं के बारे में सही जानकारी मिल सके। साथ ही हिंदू धर्म से जुड़ी सभी जानकारी पाने के लिए Hindu Alert के साथ जुड़ें रहें और हमारे फ़ेसबुक पेज ‘Hindu Alert‘ को भी लाइक और फ़ॉलो करें।


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