Breaking News in Hindi : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई की जीवनरेखा लोकल ट्रेन (Mumbai Lifeline Local Train) की सर्विस 1 सितंबर से फिर से चालू होने वाली है।

Mumbai's local train can resume from September 1
Mumbai’s local train can resume from September 1

Mumbai’s local train can resume from September 1

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई में लोकल ट्रेनें 1 सितंबर से शुरू हो सकती हैं। कोरोना महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण मार्च में, 46 साल में पहली बार मुंबई की जीवन रेखा कहलाने वाली लोकल ट्रेनों के साथ, भारतीय रेलवे की सर्विस पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।

कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए और आम जनता के जीवन की सुरक्षा के लिए सरकार ने सभी यात्रियों ट्रेनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।

मुंबई महानगर क्षेत्र में 14 जून से सीमित संख्या में उपनगरीय ट्रेनें (Suburban Trains) चल रही हैं। आवश्यक सेवाओं की सूची में बैंक कर्मचारी, ऑफ़िसों में काम करने वाले कर्मचारी और मीडियाकर्मी इनमें ट्रैवल कर सकते थे। इसके अलावा किसी और को इनमें ट्रैवल करने की इजाज़त नही थी।

सरकार ने 1,25,000 से अधिक कर्मचारियों की पहचान की है, जो राज्य सरकार की आवश्यक सेवाओं का हिस्सा हैं। इस लॉकडाउन से पहले मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के उपनगरीय नेटवर्क पर औसतन 8.5 मिलियन से अधिक यात्री प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से सफर करते थे।

आवश्यक सेवाओं  में शामिल कर्मचारियों के अलावा, रेलवे स्टेशन पर किसी भी भोजन और अन्य स्टालों को खोलने की अनुमति नहीं थी, ना ही किसी को ट्रैवल करने की इजाजत थी। साथ सख्त सामाजिक सुरक्षा मानदंडों को लागू करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल तैनात किया गया था।

हाल ही में, उद्धव ठाकरे सरकार ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों को क्यूआर कोड का उपयोग करके उपनगरीय ट्रेनों से यात्रा करने की अनुमति दी थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय 31 अगस्त को नए दिशानिर्देश जारी कर सकता है। इन दिशानिर्देशों में दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को खोलने का भी प्रावधान हो सकता है – जो इसे गुड़गांव, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद से जोड़ता है। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और सिनेमा हॉल 31 अगस्त के बाद भी खोलने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

भारत में अभी तक 32 लाख से अधिक कोरोनो वायरस संक्रमण के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। और भारत में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की रिकवरी दर 75.97% है।